CG-कुलसचिव की कुर्सी पर घमासान! कुलपति ने राज्यपाल को लिखा पत्र, कहा- ‘प्रभारी कुलसचिव पद के योग्य नहीं’

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (SGGU) में प्रभारी कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेन्द्र लाकपाले ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल को पत्र लिखकर प्रभारी कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी की पद की योग्यता और प्रशासनिक अनुभव पर सवाल उठाए हैं। कुलपति ने उन्हें पद से हटाकर योग्य अधिकारी को नियमित कुलसचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया है।
कुलपति प्रो. लाकपाले ने अपने पत्र में कहा है कि प्रतिनियुक्ति पर एसजीजीयू में प्रभारी कुलसचिव के रूप में पदस्थ डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी कुलसचिव पद के लिए निर्धारित आवश्यक अर्हता पूरी नहीं करते। पत्र में उनके विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों के अनुभव पर भी सवाल उठाया गया है।

कुलपति के मुताबिक डॉ. त्रिपाठी मूल रूप से शासकीय नवीन महाविद्यालय, जनकपुर में सहायक प्राध्यापक हैं। उनका दावा है कि प्रभारी कुलसचिव की मौजूदा पदस्थापना के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
योग्य अधिकारी को कुलसचिव बनाने की मांग
कुलपति ने प्रभारी कुलसचिव डॉ. त्रिपाठी को तत्काल हटाकर किसी वरिष्ठ प्राध्यापक अथवा विश्वविद्यालय में कार्यरत उपकुलसचिव को कुलसचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया है।

कुलपति के पत्र के बाद राज्यपाल के अवर सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजा है। इसमें प्रभारी कुलसचिव के स्थान पर नियमित कुलसचिव की पदस्थापना संबंधी आदेश जारी कर सचिवालय को अवगत कराने का उल्लेख किया गया है। पत्र में कुलाधिपति का अनुमोदन प्राप्त करने की बात भी कही गई है।
शिकायत की जांच में सामने आया मामला
कुलपति प्रो. राजेन्द्र लाकपाले ने बताया कि एक शिकायत की जांच के दौरान प्रभारी कुलसचिव के पद पर आवश्यक योग्यता के बिना नियुक्ति किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद कुलाधिपति को पत्र लिखकर डॉ. त्रिपाठी को हटाने और योग्य अधिकारी को कुलसचिव पद पर नियुक्त करने का अनुरोध किया गया। कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय से जुड़ी अन्य शिकायतों की जांच भी कराई जा रही है।

प्रभारी कुलसचिव बोले- शासन ने की है नियुक्ति
वहीं प्रभारी कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी ने इन सवालों पर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि उनकी नियुक्ति शासन द्वारा की गई है और वे प्रभारी कुलसचिव पद के लिए निर्धारित सभी मापदंडों को पूरा करते हैं। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार इस संबंध में अंतिम निर्णय शासन को लेना है।
अब नियमित कुलसचिव की नियुक्ति पर नजर
कुलपति की आपत्ति, राज्यपाल सचिवालय से उच्च शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र और प्रभारी कुलसचिव के जवाब के बाद विश्वविद्यालय में नियमित कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होना है।








